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Pegasus क्या है। पेगासस से कैसे बच सकते है | MVT क्या है फोन में कैसे काम करता है।

Pegasus Spyware क्या है? पेगासस कैसे काम करता है? Pegasus Spyware से कैसे बचें? MVT क्या है? MVT कैसे काम करता है। दोस्तों आपके मन में ऊपर बताए गए सारे सवाल होंगे। आज हम आपको इनके बारे में विस्तार से बताने वाले है तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरुर पढ़े।

पेगासस स्पाईवेयर फिर से लोगों के लिए ख़तरा बन गया है जिससे अब इसकी हर जगह चर्चा हो रही है। इसके अलावा कई लोगों को डर भी है की कही हमारा फोन तो पेगासस की चपेट में नही आ गया।

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लेकिन डरने की कोई बात नही है हम आपको बताएँगे की कैसे आप पता कर सकते है की आपका फोन में पेगासस स्पाईवेयर आया है या नही इसलिए आज का आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह आपको Pegasus की पुरी जानकारी मिलेगी।

Pegasus kya hai in Hindi

पेगासस क्या है (What is Pegasus Spyware in Hindi)

पेगासस स्पाइवेयर इजरायली साइबर इंटेलिजेंस फर्म NSO Group द्वारा बनाया गया है, जो निगरानी के लिए काम करता है। कंपनी का दावा है कि फर्म का काम इसी तरह के जासूसी सॉफ्टवेयर बनाना है और इन्हें अपराध और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और लोगों की जान बचाने के एकमात्र उद्देश्य के लिए सरकारों की खुफिया एजेंसियों को बेचा जाता है।

Pegasus बिना सहमति के आपके फ़ोन तक पहुँचता है और आपके फोन की पुरी जानकारी को निकाल लेता है। यह पेगासस सॉफ़्टवेयर किसी भी फोन की पुरी जानकारी को निकाल लेने के लिए डिज़ाइन किया है।

पेगासस स्पाईवेयर कैसे फोन में अटैक करता है (How to do work Pegasus Spyware in Hindi)

पेगासस स्पाइवेयर फोन के Message, ईमेल को पढ़ने, कॉल सुनने, स्क्रीनशॉट लेने, कीस्ट्रोक्स रिकॉर्ड करने, Contacts और Browser History तक आसानी से पहुंच जाता है।

आपको बटा दूँ कि पेगासस एक जटिल और महंगा मैलवेयर है जिसे विशेष रुप से किसी की व्यक्ति की जासूसी करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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पेगासस क्या कर सकता है (What can Pegasus do in Hindi)

एक बार जब कोई स्मार्टफोन इसके अटैक में आता है, तो Pegasus आपके द्वारा उस फोन में की जाने वाली किसी भी गतिविधि पर नज़र रख सकता है। इसमें आपके संदेशों को पढ़ना या कॉपी करना, आपकी मीडिया फ़ाइलों को निकालना, आपके ब्राउज़र इतिहास तक पहुंचना, आपकी कॉल रिकॉर्ड करना, और बहुत कुछ शामिल है।

यह सब Pegasus बहुत आसानी से कर सकता है। यह चल रहे वार्तालाप को सुनने और रिकॉर्ड करने के लिए अपने माइक्रोफ़ोन को चालू करके डिवाइस को सरफेस डिवाइस में बदल सकता है। इसी तरह, यह किसी भी समय वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए फोन के कैमरे को भी ट्रिगर कर सकता है।

फोन में पेगासस का पता कैसे लगायें (How to locate Pegasus in Phone)

पेगासस एक स्पाइवेयर सॉफ़्टवेयर है। इसका मतलब यह है कि इसे जासूसी के तैयार किया गया है। इसलिए इसे किसी भी डिवाइस पर ढूंढना कोई बच्चों का खेल नहीं है। आप इस पेगासस को केवल MVT Software के ज़रिए पता कर सकते है। आप इस Software को iOS और Android दोनो में Download कर सकते है।

पेगासस से कैसे बच सकते है ( How to escape from Pegasus in Hindi)

पेगासस से अभी तक कोई भी फोन पूरी तरह बच नहीं पाया है। फोन के Hard Factory Reset के बाद भी, स्पाइवेयर के निशान अभी भी मिल सकते हैं। इसलिए स्पाइवेयर अटैक के शिकार लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प संक्रमित फोन से पूरी तरह छुटकारा पाना है।

इसके अलावा, संगठन ने इस तरह के अटैक से बचने के लिए मोबाइल वैलिडेशन टूलकिट (MVT) नामक एक मॉड्यूलर टूल भी जारी किया है। जिस किसी को भी अपने फोन पर पेगासस के निशान मिलते हैं,

उन्हें एक नए फोन पर स्विच करना चाहिए और उन ऐप्स और सेवाओं के लिए पासवर्ड बदलना चाहिए जिनका उन्होंने उपयोग किया था। इसका सीधा सा मतलब है कि आपको अपने फोन को ही नष्ट कर देना चाहिए।

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पेगासस स्पाईवेयर पहेली बार कब मिला (When was Pegasus spyware first found?)

Pegasus स्पाइवेयर को पहली बार 2016 में iOS डिवाइस पर खोजा गया था और फिर Android पर थोड़ा अलग संस्करण पाया गया था। शुरुआती दिनों में इसका हमला SMS के जरिए होता था।

अगर किसी के फोन में एक लिंक वाला एसएमएस आता था। यदि वह उस लिंक पर क्लिक करता, तो उसका फोन स्पाइवेयर से संक्रमित हो जाता था।

मोबाइल वेरिफ़िकेशन टूलकिट (MVT) क्या है (What is MVT in Hindi)

मोबाइल वेरिफिकेशन टूलकिट (एमवीटी) एक टूल है। जिसे एमनेस्टी के रिसर्चर ने तैयार किया है। हम MVT की सहायता से यें पता कर सकते है कि हमारे फोन को पेगासस ने निशाना बनाया है या नहीं. MVT Android और iOS दोनों डिवाइस पर काम करता है।

एंड्रॉइड की तुलना में iPhone में किसी भी स्पाइवेयर का पता लगाना आसान है क्योंकि Apple की सुरक्षा अधिक मजबूत है।

MVT कैसे काम करता है। ( How Does Work MVT in Hindi)

सबसे पहले आपको बता दें कि इस टूल का इस्तेमाल कोई आम आदमी नहीं कर सकता है। इसके लिए आपके सिस्टम में Python 3.6 का होना जरूरी है। इस टूल को इस्तेमाल करने से पहले फोन में मौजूद डेटा का बैकअप लेना होता है।

उसके बाद एमवीटी आपके फोन में मौजूद डेटा को डिक्रिप्ट कर देता है ताकि हैकिंग या टैपिंग या ट्रैकिंग के किसी भी निशान का पता लगाया जा सके।

यदि आपके पास Apple Mac है, तो आपको Xcode और Homebrew भी इंस्टॉल करना होगा।

ऐसे भी पता करें कि कहीं आपका फोन पेगासस का शिकार तो नहीं

  • अगर, जल्दी बैटरी खत्म हो गई

यदि आपके फ़ोन की बैटरी सामान्य से अधिक तेज़ हो जाएगी, तो मैलवेयर कम हो जाएगा और धोखाधड़ी वाले ऐप्स का उपयोग करके खतरनाक कोड बैटरी क्षमता प्राप्त होगी। आप बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स की संख्या चेक करें। बैकग्राउंड में चलने वाले कई ऐप्स बैटरी भी खा जाते हैं, इसलिए पहले उन्हें बंद करें और फिर मॉनिटर करें।

  • फोन पर कोई अनजान सॉफ्टवेयर दिखाएं देना।

आप अपने स्मार्टफ़ोन पर ऐसे ऐप्स देखते हैं जिन्हें आप नहीं पहचानते हैं या सुनिश्चित हैं कि आपने डाउनलोड नहीं किया है। यह किसी हैकर या स्पाईवेयर का काम हो सकता है।

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